१- " सच सच कहो, क्या तुम मुझसे प्रेम करती हो" ?
२- " हाँ, मैं आपसे बेहद प्रेम करती हूँ , कम से कम इस समय तो "
१- " कम से कम इस समय, मैं इसका मतलब नहीं समझा "
२- " कैसे समझाऊं, हमारी ज़िन्दगी में तरह तरह की भावनाएं हैं, प्रेम , घृणा , क्रोध , शांति। कभी एक भावना आती है और कभी दूसरी। इस समय मेरे अन्दर प्रेम की भावना है। मुझे इस जगह से प्यार है, मुझे इस शहर से प्यार है, मुझे इस दृश्य से प्यार है , मुझे आपसे प्यार है , सच कहती हूँ मुझे जिंदगी से प्यार है ."
१- लेकिन आज सोच रहा हूँ उसने जो जवाब दिया था उसमे कहीं कुछ रहस्य था। उसने मुझसे झूठ नहीं कहा था, शायद एक बहुत बड़ा सत्य कहा था जिसे मैं उस समय अनुभव नहीं कर सका था।
इन पंक्तियों को पढ़कर मुझे जिंदगी में पहली बार प्रेम और उसके अन्य पक्ष को जानने का मौका मिला।
ऐसे ही अनुभवों के लिए शायद हम किताबें पढ़ते हैं .
इस बार प्रयास है की प्रेम पर आधारित कुछ उपन्यासों की जानकारी आप तक पहुंचाई जाये .
(इन उपन्यासों की कहानी का कोई परिचय नहीं दिया जा रहा, इस से इनकी रोचकता को क्षती पहुच रही थी )
1. गुनाहों का देवता - ( धर्मवीर भारती )
कहा जाता है कि ये हिंदी साहित्य का सर्वाधिक बिकने वाला उपन्यास है।
इस उपन्यास की सबसे खूबसूरत बात ये है कि पात्र अपनी भावनाओं को खुद तक रखते हैं, उन्हें सामने नहीं आने देते पर पढने वाले तक सारी भावनाएं, पात्रों के विचार, सब कुछ बहुत ही सरलता से पहुँचता रहता है.
यहाँ कहानी का जरा सा भी परिचय देना उचित नहीं . इस उपन्यास को पढना एक अनुभव है , और अनुभव का कोई परिचय नहीं दिया जा सकता। जरुर पढ़ें।
2. तुम्हारे लिए - ( हिमांशु जोशी )
इस उपन्यास के बारे में बताने के लिए "दिल को छू लिया " मुहावरे का इस्तेमाल करना काफी छोटा साबित होगा। क्या होता है जब एक युवक जिसके कन्धों पर जिम्मेदारियां हैं उसे प्रेम हो जाता है। नैनीताल इस उपन्यास के लिए एक शहर ही नहीं बल्कि एक पात्र है जो आपको अपनी ओर जरुर खींचेगा। एक बार किताब शुरू करने के बाद आप इसे वापस नहीं रख पाएँगे।
3. एक इंच मुस्कान - (राजेन्द्र यादव & मन्नू भंडारी )
इस उपन्यास की हिंदी के दो बेहतरीन लेखकों ने लिखा जो असल जिंदगी में पति पत्नी भी हैं। इसे एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया जिसके अध्याय दोनों लेखकों द्वारा एक के बाद एक लिखे गए और उसका नतीजा बहुत ही बेहतरीन निकला। दो अच्छे लेखकों के विचार और मस्तिष्क जब एक ही विषय के हो गए तब जन्मी एक इंच मुस्कान ।
4. मछुआरे (चेम्मिन ) - ( तकषी शिवशंकर पिल्लै)
साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित ये उपन्यास केरल के मछुवारों की जिंदगी पर आधारित है पर प्रेम वो तागा है जिस से इस उपन्यास का जाल बुना गया है. समाज के एक अलग ही हिस्से की प्रेमकथा है मछुवारे .असल उपन्यास मलयालम का है पर इसका हिंदी अनुवाद बहुत ही ज्यादा चर्चित हुआ।
इस कड़ी में एक कहानी जरुर पढ़ें " यही सच है ( मन्नू भंडारी ) "
आप लोगों को भी जो उपन्यास कहानियां इत्यादि पसंद आयें हों उनके बारे में जरूर बतायें। हमें ख़ुशी होगी।
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